16/7/11

फेसबुक के साम्राज्य में गूगल ने लगाई सेंध!

चंडीगढ़. जब पहले ऑरकुट हम सब के बीच आया तो उस समय कोई सोच भी नहीं सकता था कि कोई इसकी जगह ले सकता है। हर किसी में ऑरकुट से जुड़ने की दीवानगी भी खूब दिखी। मगर फिर 2009 में फेसबुक ने एंट्री मारी और सोशल नेटवर्किग की सूरत ही बदल दी। मगर अब आ गया है गूगल प्लस जिसे फेसबुक के लिए अब खतरा माना जा रहा है। तो फिर आप भी जान लीजिए क्या खास है इस गूगल प्लस में:

1. सर्कल: इसमें अपने सर्कल बनाने की सुविधा है जिसमें अपने कॉन्टैक्ट्स के ग्रुप्स बनाकर अलग अलग गूगल प्रॉड्क्ट और सर्विस में शेयर किया जा सकता है। साथ ही अपनी प्राइवेसी को मैंटेन करने के लिए आप कुछ सर्कल को हाइड भी कर सकते हैं। यह फेसबुक के फ्रेंड लिस्ट वाले फंक्शन को रिप्लेस करने के मकसद से लाया गया लगता है।

2. हैंगआउट: यह नाम है ग्रुप वीडियो चैट (मैक्सिमम 10 लोगों के ग्रुप) की सुविधा का। वैसे इस हैंगआउट से कोई भी जुड़ सकता है अगर उसे इसका यूनीक यूआरएल पता हो तो।

3. हडल: यह फीचर एंड्रॉयड, आईफोन और एसएमएस डिवाइस में अपने सर्कल के अंदर मैसेजिंग की सुविधा देता है।

4. इंस्टेंट अपलोड: यह सुविधा खासतौर पर एंड्रॉयड मोबाइल के लिए है। यह आपके फोटो और वीडियो को प्राइवेट एलबम में स्टोर कर लेता है जिन्हें आप बाद में शेयर कर सकते हैं।

5. स्पार्क्‍स: यह गूगल सर्च का सबसे पहले स्टेप है जो आपको दोस्तों से कुछ शेयर करने के लिए टॉपिक सजेस्ट करता है। यहां खास तौर पर फीचर्ड स्पार्क्‍स होते हैं जो काफी इंटरेस्टिंग फैक्ट्स के साथ शेयर किए जा सकते हैं।

6. स्ट्रीम: इसमें यूजर्स अपने सर्कल के अपडेट देख सकता है, यह फेसबुक के न्यूज फीड जैसी ही है। इनपुट बॉक्स में अपना स्टेटस अपडेट करने और अपलोडिंग के लिए आइकन का यूज कर फोटो और वीडियो शेयर किए जा सकते हैं। साथ ही पोस्ट को कुछ एक सर्कल को दिखाने की भी सुविधा है।

7. +१ बटन: यह बटन फेसबुक की तर्ज पर ही लगाया गया है। गूगल प्लस नाम की इस सर्विस को 28 जून 2011 को लॉन्च किया गया है जो अभी फील्ड टेस्टिंग फॉर्म में चल रही है। यूजर्स को अपने फ्रेंड्स को इंवाइट करने की सुविधा दी गई जो 18 साल से ऊपर की उम्र के हों। मगर लोगों की डिमांड इतनी थी कि इस सर्विस को एक दिन बाद ही बंद करना पड़ा।

गूगल बनाम फेसबुक

1. सोशल नेटवर्किग में फेसबुक के साम्राज्य में सेंध लगाने की कोशिश है गूगल प्लस। 2. इस समय फेसबुक के पास करीब 500 मिलियन मैंबर्स हैं वहीं गूगल प्सल अभी एक्सपेरिमेंट करने की स्टेज में है।3. गूगल प्लस में कुछ नई और खास फीचर आई हैं जो फेसबुक में अभी तक नहीं थीं।4. इसमें फेसबुक के मुकाबले फोटो अपलोड करना आसाना है। अब यह तो टाइम के साथ ही पता चलेगा कि गूगल प्लस फेसबुक को कितनी टक्कर दे पाता है मगर इतना तो पक्का है कि इसकी कुछ यूनीक फीचर्स लोगों को अपनी ओर खींच रही हैं।

29/11/08

मुंबई की मुक्ति: अंतिम लड़ाई


आज शनिवार सुबह ताज होटल के चारों तरफ भारतीय सेना की घेरांबंदी कर दी गई और एनएसजी के कमांडो होटल में छिपे आतंकवादियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के जुट गए। कुछ ही देर में ताज को मुक्ति मिल जानी थी आतंकवादियों से।

15/11/08



भारत के प्रथम मानवरहित अंतरिक्ष यान, चंद्रयान- प्रथम द्वारा कल चंद्रमा की सतह पर उतार गए “चंद्र खोजी” (एमआईपी) ने चंद्रतल की तस्वीरें भेजनी शुरू कर दी हैं।


भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अपनी वेबसाइट पर ये तस्वीरें प्रकाशित की हैं। इनमें चंद्रमा का धरातल हल्के भूरे रंग का और ऊबड़- खाबड़ नजर आ रहा है।


भारतीय तिरंगा पहुंचा चांद पर
कल ही “चंद्र खोजी” मुख्य चंद्रयान से अलग होकर चंद्रमा की सतह पर उतरा था। भारत और इसके वैज्ञानिकों की यह ऎतिहासिक सफलता थी जिन्होंने तमाम संसाधनों की चुनौती स्वीकार करते हुए अंतरिक्ष में यह अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की।
संयोगवश कल ही आजाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री स्वर्गीय जवाहरलाल नेहरू की जयंती भी थी। आजादी हासिल करने के सिर्फ 61 वर्ष बाद भारतीय वैज्ञानिकों ने देश को चांद पर पहुंचा दिया है।


कल चंद्रयान से रात करीब आठ बजे अलग होने के बाद एमआईपी चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के निकट 25 मिनट बाद उतरा । एमआईपी से मिलने वाले आंकडे चंद्रयान-प्रथम में इकट्ठा हो रहे हैं और चंद्रयान पर लगे कैमरे चालू हो गये हैं। इसके रेडियो मैंपिंग और क्षेत्र का नक्शा तैयार करने वाले यंत्रों ने भी काम करना शुरू कर दिया है। चंद्रमा की सतह पर “चंद्र खोजी” के उतरने के साथ ही भारत चांद पर पहुंचने वाले चुनिंदा देशों की कतार में शामिल हो गया है और इस क्षेत्र की तकनीक के मामले में अमेरिका, रूस, चीन, जापान और यूरोपीय संघ की कतार में आ खड़ा हुआ है। इस सफलता से चंद्रयान – द्वितीय की तैयारियों का रास्ता खुल गया है। चंद्रयान- द्वितीय 2012 में प्रक्षेपित किया जाना है। चंद्रयान- 2 के जरिये एक चंद्रबग्घी भी भेजी जाएगी जो चांद की सतह से नमूने इकट्ठा करके उसका विश्लेषण करने के बाद आंकडे पृथ्वी पर इसरो के केंद्र पर भेजेगी। यह भारत और रूस का संयुक्त अभियान होगा।

10/11/08

मंत्री की अभद्रता: कलेक्टर पर गिरी गाज


भोपाल। निर्वाचन आयोग ने मध्यप्रदेश के देवास जिले के सोनकच्छ विधानसभा क्षेत्र की निर्वाचन अधिकारी संजना जैन के साथ राज्य के मंत्री तुकोजीराव पवार द्वारा दुर्व्यवहार के मामले में सख्त रूख अपनाते हुए सोमवार को जिला कलेक्टर नवनीत मोहन कोठारी को तत्काल वहां से हटा दिया है।

राज्य निर्वाचन कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि कलेक्टर को इस मामले में तत्काल कार्रवाई नहीं करने के कारण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। निर्वाचन अधिकारी जैन के साथ 8 नवंबर को दुर्व्यवहार की घटना के एक दिन बाद रविवार रात को देवास के कोतवाली थाने में मंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके अलावा दतिया जिला कलेक्टर पीजी. गिल्लोरे को भी हटाने के निर्देश दिए गए हैं। बताया गया है कि स्वास्थ्य कारणों की वजह से उन्हें कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी की जिम्मेदारी से मुक्त किया गया है।

क्रिकेट इतिहास का सबसे कुख्यात ओवर

20 मार्च 1990 को क्राइस्ट चर्च में वेलिंगटन और कैन्टरबरी के बीच न्यूजीलैंड की घरेलू प्रतियोगिता शैल ट्रोफी के मैच का आखिरी दिन था। कैन्टरबरी को जीत के लिए 291 रनों की जरूरत थी। वेलिंगटन की घातक गेंदबाजी के आगे कैन्टरबरी की टीम के शुरुआती आठ विकेट फकत 108 रन पर गिर गए थे, लेकिन ली जरमोन और रोजर फोर्ड ने जैसे तैसे समय काटा।अब सिर्फ दो ओवर बाकी बचे थे। मैच के ड्रॉ होने की पूरी संभावना नजर आ रही थी। उस वक्त स्कोर था 115 पर 8 विकेट। जरमोन 75 रन बनाकर खेल रहे थे। वेलिंगटन के कैप्टन जान मॉरिसन को एक आइडिया सूझा और उन्होंने गेंद रॉबर्ट वान्स को थमा दी।न्यूजीलैंड की ओर से बतौर बल्लेबाज टेस्ट और वन डे खेल चुके वान्स के करिअर के अंतिम दिन चल रहे थे। उनका क्रिकेट जीवन बहुत साधारण रहा था और अब यह बात तय है कि अगर वान्स को यह ओवर नहीं मिलता, तो शायद उनका नाम इतिहास की गर्द से कब का ढंक चुका होता। मॉरिसन ने वान्स से कहा कि वह बिल्कुल लप्पा गेंद डाले और जितना संभव हो रन पिटाए। इसके पीछे दलील यह थी कि मारने के चक्कर में बल्लेबाज अक्सर विकेट दे बैठते हैं और वेलिंगटन के लिए यह जीत प्रतियोगिता के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित होती।खैर वान्स ने अपने कप्तान की बात को ज्यादा ही अच्छी तरह समझ लिया और क्रिकेट के इतिहास का सबसे कुख्यात ओवर डाला। वान्स ने ओवर में कुल 22 गेंदें डालीं। पहली गेंद नो बाल थी। दूसरी पर जरमोन ने चौका मारा। उसके बाद जानबूझकर अगली 15 गेंदें वान्स ने नो बॉल कीं। वान्स की कमजोर फुलटॉसों के सिलसिले के जवाब में न्यूजीलैंड के टेस्ट विकेटकीपर रहे ली जरमोन ने चौकों और छक्कों की झड़ी लगा दी। ओवर की छठी गेंद पर लगाए एक छक्के के साथ उन्होंने अपना शतक पूरा किया। आलम यह था कि फील्डर गेंद को रोकने में कतई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे जबकि जरमोन ने गेंदों के साथ कत्लेआम मचा रखा था।ओवर की 22 में से 2 गेंदें दूसरे छोर पर खेल रहे फोर्ड को मिलीं जिन पर उन्होंने 5 रन बनाए। बाकी की गेंदों में जरमोन ने कुल मिला कर 70 रन ठोक डाले। इनमें 8 छक्के और 5 चौके शामिल थे। ध्यान रहे नो बाल पर रन बनने की स्थिति में नो बाल का रन उन दिनों स्कोर में नहीं जोड़ा जाता था। नए नियमों के हिसाब से चलें, तो कुल स्कोर में पंद्रह रन और जुड़ते।ओवर का विवरण कुछ इस तरह था - 04446646410666401
उधर बेचारे स्कोररों का बुरा हाल था और उनकी कुछ समझ में कुछ नहीं आ रहा था। एकाध बार उन्हें अपने काम में दर्शकों तक की मदद लेनी पड़ी। हतप्रभ अंपायरों के पल्ले भी कुछ ज्यादा नहीं पड़ रहा था। इसी अफरातफरी के बीच आखिरी ओवर शुरू हुआ। स्कोर दोनों टीमों को नहीं मालूम था। लेकिन असल में कैन्टरबरी को जीत के लिए 18 रन रह गए थे। पहली पांच गेंदों में जरमोन ने 17 रन बना डाले। फोर्ड ने अंतिम गेंद पर रक्षात्मक शॉट खेला और मैच टाई पर खत्म हुआ।खिलाड़ियों को मैच की स्थिति ड्रेसिंग रूम में पहुंचने के बाद साफ हुई। दो ओवर पहले जो टीम मैच को जैसे-तैसे बचाने के प्रयास में लगी हुई थी, वह असल में जीत से सिर्फ एक रन दूर रह गई थी। मैच को याद करते हुए वेलिंगटन के कैप्टन का कहना था कि इस बात का पता चलने के बाद उन्हें कई दिनों तक बुरे सपने आते रहे। 77 रन लुटा देने वाले उस बदनाम ओवर के कारण रॉबर्ट वान्स इतिहास का एक दिलचस्प हिस्सा बन गए।

शेयर बाजारों में भारी मुनाफावसूली

सुबह हल्की कमजोरी पर खुले शेयर बाजारों में अब भारी मुनाफावसूली का दबाव है। यहां मुम्बई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 526 अंक नीचे और राष्ट्रीय शेयर बाजार (एनएसई) का निफ्टी 141 अंक नीचे है। बीएसई के मझोले शेयर सूचकांक में दो फीसदी से ज्यादा की और छोटे शेयर सूचकांक में डेढ़ फीसदी से ज्यादा की गिरावट है।इस भारी बिकवाली के साथ ही सेंसेक्स अब 10,000 और निफ्टी 3,000 का स्तर परखने लगा है।आज वैश्विक शेयर बाजारों से कमजोर संकेत हैं। यहां सभी एशियाई शेयर बाजार नर्म हैं। हांगकांग, जापान, सिंगापूर, ताइवान के बाजारों में ज्यादा गिरावट है। इससे पहले कल अमेरिकी शेयर बाजार भी गिरावट पर बंद हुआ था। यहां डाओ जोंस 73 और नैस्डेक 30 अंक नीचे रहा था।सुबह 11:56 बजे- बीएसई का सेंसेक्स 526.38 अंक नीचे 10,009.78 के स्तर पर है।- एनएसई का निफ्टी 141.50 अंक नीचे 3,006.75 के स्तर पर है।इस समय बीएसई के क्षेत्रीय सूचकांकों में केवल फार्मा क्षेत्र मामूली बढ़त में है। इसके अलावा सारे सूचकांक गिरावट पर हैं। अचल सम्पत्ति क्षेत्र साढ़े छः प्रतिशत की, पूंजीगत वस्तु, तेल व गैस, बैंक क्षेत्र पांच प्रतिशत से ज्यादा की, ऊर्जा, धातु, आईटी, तकनीकी क्षेत्र साढ़े चार प्रतिशत से ज्यादा की, उपभोक्ता टिकाऊ, पीएसयू, वाहन क्षेत्र ढाई प्रतिशत से ज्यादा की तथा एफएमसीजी क्षेत्र एक प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट पर हैं।सेंसेक्स पर अब कोई भी शेयर बढ़त पर नहीं है।गिरावट वाले शेयरों में जेपी एसोसिएट्स साढ़े नौ फीसदी की, स्टरलाइट, हिंडाल्को सात फीसदी से ज्यादा की, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, रिलायंस, भारती एयरटेल, भेल, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी के शेयर छः फीसदी से ज्यादा की कमजोरी में हैं।सुबह 10:52 बजे- बीएसई का सेंसेक्स 396.63 अंक नीचे 10,139.53 के स्तर पर है।- एनएसई का निफ्टी 102.75 अंक नीचे 3,045.50 के स्तर पर है।इस समय बीएसई के क्षेत्रीय सूचकांकों में केवल फार्मा क्षेत्र हल्की बढ़त में है। इसके अलावा सारे सूचकांक गिरावट पर हैं। अचल सम्पत्ति, धातु, पूंजीगत वस्तु, तेल व गैस क्षेत्र चार प्रतिशत से ज्यादा की, बैंक, ऊर्जा, आईटी, तकनीकी क्षेत्र तीन प्रतिशत से ज्यादा की, वाहन क्षेत्र दो प्रतिशत से ज्यादा की, उपभोक्ता टिकाऊ, पीएसयू क्षेत्र डेढ़ प्रतिशत से ज्यादा की तथा एफएमसीजी क्षेत्र लगभग एक प्रतिशत की गिरावट पर हैं।सेंसेक्स पर रिलायंस कम्युनिकेशन का शेयर लगभग दो फीसदी की और आईटीसी हल्की तेजी पर है।गिरावट वाले शेयरों में स्टरलाइट आठ फीसदी से ज्यादा की, हिंडाल्को सात फीसदी से ज्यादा की, जेपी एसोसिएट्स, रिलायंस के शेयर छः फीसदी से ज्यादा की तथा भेल, टाटा स्टील, आईसीआईसीआई बैंक के शेयर पांच प्रतिशत से अधिक की कमजोरी में हैं।सुबह 9:56 बजे- बीएसई का सेंसेक्स 152.90 अंक नीचे 10,383.26 के स्तर पर है।- एनएसई का निफ्टी 47.55 अंक नीचे 3,100.70 के स्तर पर है।इस समय बीएसई के क्षेत्रीय सूचकांकों में केवल फार्मा और एफएमसीजी क्षेत्र हल्की बढ़त में हैं। इसके अलावा सारे सूचकांक गिरावट पर हैं। धातु क्षेत्र साढ़े तीन प्रतिशत से ज्यादा की, अचल सम्पत्ति क्षेत्र ढाई प्रतिशत से ज्यादा की, तेल व गैस, पूंजीगत वस्तु, बैंक, आईटी, ऊर्जा, तकनीकी क्षेत्र एक प्रतिशत से ज्यादा की तथा वाहन, पीएसयू, उपभोक्ता टिकाऊ आधे फीसदी या इससे ज्यादा की गिरावट पर हैं।सेंसेक्स पर आईटीसी का शेयर एक फीसदी से ज्यादा की तेजी पर है। विप्रो, रिलायंस कम्युनिकेशन, एनटीपीसी के शेयर आधे प्रतिशत से ज्यादा की तेजी पर हैं।गिरावट वाले शेयरों में स्टरलाइट साढ़े छः फीसदी, हिंडाल्को पांच फीसदी, टाटा स्टील, जेपी एसोसिएट्स के शेयर तीन फीसदी से ज्यादा की तथा डीएलएफ, रिलायंस, भेल, आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंफ्रा, इंफोसिस, एचडीएफसी के शेयर दो प्रतिशत से अधिक की कमजोरी में हैं।एशियाई शेयर बाजार (सुबह 8:00 बजे)आज एशियाई बाजार गिरावट में हैं –- यहां चीन का शंघाई कम्पोजिट 0.53 फीसदी नीचे है।- हांगकांग का हैंगसेंग 2.89 फीसदी गिरा है।- जापान का निक्केई 3.30 फीसदी की गिरावट पर है।- सिंगापूर का स्ट्रेट्स टाइम्स 2.34 प्रतिशत पीछे है।- दक्षिण कोरिया के सियोल कम्पोजिट ने 1.87 प्रतिशत गंवाएं हैं।- ताइवान का ताइवान व्हेटेड 2.71 फीसदी कमजोर है।