11/7/14
16/7/11
फेसबुक के साम्राज्य में गूगल ने लगाई सेंध!
चंडीगढ़. जब पहले ऑरकुट हम सब के बीच आया तो उस समय कोई सोच भी नहीं सकता था कि कोई इसकी जगह ले सकता है। हर किसी में ऑरकुट से जुड़ने की दीवानगी भी खूब दिखी। मगर फिर 2009 में फेसबुक ने एंट्री मारी और सोशल नेटवर्किग की सूरत ही बदल दी। मगर अब आ गया है गूगल प्लस जिसे फेसबुक के लिए अब खतरा माना जा रहा है। तो फिर आप भी जान लीजिए क्या खास है इस गूगल प्लस में:
1. सर्कल: इसमें अपने सर्कल बनाने की सुविधा है जिसमें अपने कॉन्टैक्ट्स के ग्रुप्स बनाकर अलग अलग गूगल प्रॉड्क्ट और सर्विस में शेयर किया जा सकता है। साथ ही अपनी प्राइवेसी को मैंटेन करने के लिए आप कुछ सर्कल को हाइड भी कर सकते हैं। यह फेसबुक के फ्रेंड लिस्ट वाले फंक्शन को रिप्लेस करने के मकसद से लाया गया लगता है।
2. हैंगआउट: यह नाम है ग्रुप वीडियो चैट (मैक्सिमम 10 लोगों के ग्रुप) की सुविधा का। वैसे इस हैंगआउट से कोई भी जुड़ सकता है अगर उसे इसका यूनीक यूआरएल पता हो तो।
3. हडल: यह फीचर एंड्रॉयड, आईफोन और एसएमएस डिवाइस में अपने सर्कल के अंदर मैसेजिंग की सुविधा देता है।
4. इंस्टेंट अपलोड: यह सुविधा खासतौर पर एंड्रॉयड मोबाइल के लिए है। यह आपके फोटो और वीडियो को प्राइवेट एलबम में स्टोर कर लेता है जिन्हें आप बाद में शेयर कर सकते हैं।
5. स्पार्क्स: यह गूगल सर्च का सबसे पहले स्टेप है जो आपको दोस्तों से कुछ शेयर करने के लिए टॉपिक सजेस्ट करता है। यहां खास तौर पर फीचर्ड स्पार्क्स होते हैं जो काफी इंटरेस्टिंग फैक्ट्स के साथ शेयर किए जा सकते हैं।
6. स्ट्रीम: इसमें यूजर्स अपने सर्कल के अपडेट देख सकता है, यह फेसबुक के न्यूज फीड जैसी ही है। इनपुट बॉक्स में अपना स्टेटस अपडेट करने और अपलोडिंग के लिए आइकन का यूज कर फोटो और वीडियो शेयर किए जा सकते हैं। साथ ही पोस्ट को कुछ एक सर्कल को दिखाने की भी सुविधा है।
7. +१ बटन: यह बटन फेसबुक की तर्ज पर ही लगाया गया है। गूगल प्लस नाम की इस सर्विस को 28 जून 2011 को लॉन्च किया गया है जो अभी फील्ड टेस्टिंग फॉर्म में चल रही है। यूजर्स को अपने फ्रेंड्स को इंवाइट करने की सुविधा दी गई जो 18 साल से ऊपर की उम्र के हों। मगर लोगों की डिमांड इतनी थी कि इस सर्विस को एक दिन बाद ही बंद करना पड़ा।
गूगल बनाम फेसबुक
1. सोशल नेटवर्किग में फेसबुक के साम्राज्य में सेंध लगाने की कोशिश है गूगल प्लस। 2. इस समय फेसबुक के पास करीब 500 मिलियन मैंबर्स हैं वहीं गूगल प्सल अभी एक्सपेरिमेंट करने की स्टेज में है।3. गूगल प्लस में कुछ नई और खास फीचर आई हैं जो फेसबुक में अभी तक नहीं थीं।4. इसमें फेसबुक के मुकाबले फोटो अपलोड करना आसाना है। अब यह तो टाइम के साथ ही पता चलेगा कि गूगल प्लस फेसबुक को कितनी टक्कर दे पाता है मगर इतना तो पक्का है कि इसकी कुछ यूनीक फीचर्स लोगों को अपनी ओर खींच रही हैं।
29/11/08
मुंबई की मुक्ति: अंतिम लड़ाई
15/11/08

भारत के प्रथम मानवरहित अंतरिक्ष यान, चंद्रयान- प्रथम द्वारा कल चंद्रमा की सतह पर उतार गए “चंद्र खोजी” (एमआईपी) ने चंद्रतल की तस्वीरें भेजनी शुरू कर दी हैं।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अपनी वेबसाइट पर ये तस्वीरें प्रकाशित की हैं। इनमें चंद्रमा का धरातल हल्के भूरे रंग का और ऊबड़- खाबड़ नजर आ रहा है।
भारतीय तिरंगा पहुंचा चांद पर
कल ही “चंद्र खोजी” मुख्य चंद्रयान से अलग होकर चंद्रमा की सतह पर उतरा था। भारत और इसके वैज्ञानिकों की यह ऎतिहासिक सफलता थी जिन्होंने तमाम संसाधनों की चुनौती स्वीकार करते हुए अंतरिक्ष में यह अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की।
संयोगवश कल ही आजाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री स्वर्गीय जवाहरलाल नेहरू की जयंती भी थी। आजादी हासिल करने के सिर्फ 61 वर्ष बाद भारतीय वैज्ञानिकों ने देश को चांद पर पहुंचा दिया है।
कल चंद्रयान से रात करीब आठ बजे अलग होने के बाद एमआईपी चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के निकट 25 मिनट बाद उतरा । एमआईपी से मिलने वाले आंकडे चंद्रयान-प्रथम में इकट्ठा हो रहे हैं और चंद्रयान पर लगे कैमरे चालू हो गये हैं। इसके रेडियो मैंपिंग और क्षेत्र का नक्शा तैयार करने वाले यंत्रों ने भी काम करना शुरू कर दिया है। चंद्रमा की सतह पर “चंद्र खोजी” के उतरने के साथ ही भारत चांद पर पहुंचने वाले चुनिंदा देशों की कतार में शामिल हो गया है और इस क्षेत्र की तकनीक के मामले में अमेरिका, रूस, चीन, जापान और यूरोपीय संघ की कतार में आ खड़ा हुआ है। इस सफलता से चंद्रयान – द्वितीय की तैयारियों का रास्ता खुल गया है। चंद्रयान- द्वितीय 2012 में प्रक्षेपित किया जाना है। चंद्रयान- 2 के जरिये एक चंद्रबग्घी भी भेजी जाएगी जो चांद की सतह से नमूने इकट्ठा करके उसका विश्लेषण करने के बाद आंकडे पृथ्वी पर इसरो के केंद्र पर भेजेगी। यह भारत और रूस का संयुक्त अभियान होगा।
10/11/08
मंत्री की अभद्रता: कलेक्टर पर गिरी गाज


