15/11/08



भारत के प्रथम मानवरहित अंतरिक्ष यान, चंद्रयान- प्रथम द्वारा कल चंद्रमा की सतह पर उतार गए “चंद्र खोजी” (एमआईपी) ने चंद्रतल की तस्वीरें भेजनी शुरू कर दी हैं।


भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अपनी वेबसाइट पर ये तस्वीरें प्रकाशित की हैं। इनमें चंद्रमा का धरातल हल्के भूरे रंग का और ऊबड़- खाबड़ नजर आ रहा है।


भारतीय तिरंगा पहुंचा चांद पर
कल ही “चंद्र खोजी” मुख्य चंद्रयान से अलग होकर चंद्रमा की सतह पर उतरा था। भारत और इसके वैज्ञानिकों की यह ऎतिहासिक सफलता थी जिन्होंने तमाम संसाधनों की चुनौती स्वीकार करते हुए अंतरिक्ष में यह अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की।
संयोगवश कल ही आजाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री स्वर्गीय जवाहरलाल नेहरू की जयंती भी थी। आजादी हासिल करने के सिर्फ 61 वर्ष बाद भारतीय वैज्ञानिकों ने देश को चांद पर पहुंचा दिया है।


कल चंद्रयान से रात करीब आठ बजे अलग होने के बाद एमआईपी चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के निकट 25 मिनट बाद उतरा । एमआईपी से मिलने वाले आंकडे चंद्रयान-प्रथम में इकट्ठा हो रहे हैं और चंद्रयान पर लगे कैमरे चालू हो गये हैं। इसके रेडियो मैंपिंग और क्षेत्र का नक्शा तैयार करने वाले यंत्रों ने भी काम करना शुरू कर दिया है। चंद्रमा की सतह पर “चंद्र खोजी” के उतरने के साथ ही भारत चांद पर पहुंचने वाले चुनिंदा देशों की कतार में शामिल हो गया है और इस क्षेत्र की तकनीक के मामले में अमेरिका, रूस, चीन, जापान और यूरोपीय संघ की कतार में आ खड़ा हुआ है। इस सफलता से चंद्रयान – द्वितीय की तैयारियों का रास्ता खुल गया है। चंद्रयान- द्वितीय 2012 में प्रक्षेपित किया जाना है। चंद्रयान- 2 के जरिये एक चंद्रबग्घी भी भेजी जाएगी जो चांद की सतह से नमूने इकट्ठा करके उसका विश्लेषण करने के बाद आंकडे पृथ्वी पर इसरो के केंद्र पर भेजेगी। यह भारत और रूस का संयुक्त अभियान होगा।

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